1. क्या आप जानते हैं, आप की भृष्ट व्यवस्था #हररोज़ #EveryDay #18000करोड़ रुपया, यानि 18,000-00,00,000₹ केवल देश के नेताओं, मंत्रियों सांसदों, विधायकों एंवम अन्य नेताओं के वेतन, नखरे चोचले, खाना पीना, उद्घाटन नौटंकी, सैर सपाटा और अन्य ड्रामेबाज़ी पर खर्च करती है।
2. कभी सोचा है एक साल में इन जुमलेबाज़ों पे खर्च हुई यह राशी कितनी हो गी ? संयुक्त रूप से #भारत हमारी अती #भृष्ट राजनीतिक #व्यवस्था के चलते, 18000x 365, यानी #65लाख70हजारकरोड़ ₹ , यानि 65,70,000-00,00,000 ₹ सालाना, देश के महाभृष्ट और नौटंकी बाज़ नेताओं पर खर्च करता हैं।
3. कुछ लोग 3000 करोड़ के पटेल साहिब के सटेच्यु को रो रहे है, अरे भाई वह तो फ़िर भी एक एक पर्यटन स्थल और स्मृति चिन्ह है। अगर सभी नेताओं को केवल 10 दिन के लिए सिस्टम से गायब कर दिया जाये तो केवल 10 दिन में देश की 1,80,000 करोड़ ₹, यानि एक लाख 80 हज़ार करोड़ ₹ की बचत हो गी। सदा के लिए इन्हें गायब किया तो समझो देश के न्यारे वारे हो जाएँ गे। यह है असली मुद्दा।
4. इलावा इस के मन्दिर, मस्जिद, शहरों का नाम बदली करना, हिन्दू मुसलमान सिक्ख ईसाई का झगड़ा, जातपात का झगड़ा, इन सब में भी जन्ता को उलझाया जाता है, जिस के चलते अन्य सब बड़े बड़े भ्र्ष्टाचार के मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके।
5. शोर ही मचाना है तो नेताओं की बगार बन्द करवाने के लिए मचाओ। केवल 1 बार सांसद या विधायक बनने के बाद, इन को उम्र भर मिलने वाली पेंशन और बाकी मुफ़्त सहूलतें बन्द करवाओ।
6. देश की बात करनी है तो असली मुद्दों को पकड़ो, हज़ारों भृष्टाचारी सांसदों, विधायकों और बाकी छुटपुट कॉरपोरेटर, कॉन्सलर इत्यादि, जो व्यवस्था पर जोंकों से लदे हैं, इन का व्यवस्था में स्थान भंग करवाने के लिए मुहीम चलाओ। भ्र्ष्टाचार मुक्त भारत तभी बने गा जब भृष्टाचारी नेताओं की भीड़, जो व्यवस्था पर लदी है, समाप्त हो गीे।
🚩तत्त सत्त अकाल🚩
✒गुरु बलवन्त गुरुने⚔