Posted on 9th February 2020.
1. जग जाहिर है कि आज पत्रकारिता और इंफॉर्मेशन का संचार, गोदी पत्रकारों और गोदी मीडिया के हाथों से निकल कर, आम इंसान के हाथों में आन पहुंचा है।
2. हर नागरिक 24 x 7 x 365 दिन, सच्च क्या है, थोड़ी सी कोशिश से जान सकता है। स्मार्ट फोन या पामटॉप, जो चाहिए कह लीजिए तथा इंटरनेट के जरिए घटनाओं का इंस्टैंट प्रसारण आज आम सी बात है।
3. हाला की इस अतिशीघ्र और अति विस्तृत वेब दुनिया में, झूठ और वहम का प्रसारण भी तेजी से होता है, लेकिन सत्य भी उतनी ही आसानी से उपलब्ध है। आम जन में आज सत्य को जानने का सामर्थ्य और अभिलाषा, दोनों ही बहुत इंप्रूव हुए हैं।
4. यानी जनता सब जानती है, और ना केवल जानती है बल्कि देखती भी है। जो अखबार और टेलीविजन अपनी मनमर्जी से एडिट कर के प्रसारित करते थे, आज अनएडिटीड ही उपलब्ध है, वह भी इंस्टैंट।
5. ऊपर लिखे तथ्यों के प्रकाश में दिल्ली और देश की जनता ने देखा कि किस तरह अरविंद केजरीवाल और आम पार्टी को हराने के लिए, भाजपा के नेताओं ने अपना पूरा जोर लगा दिया।
6. यानी गोदी मेडिया, कितने ही सीएम, मिनिस्टर, एमएलए, यहां तक कि खुद गृह मंत्री और प्रधानमन्त्री तक, एक अर्ध प्रदेश के छोटे लेकिन बेहद पॉपुलर नेता को हराने में जुट गए, लेकिन फ़िर भी चुनाव के दिन, सुबह से शाम तक वोटरों की ज्यादा भीड़ आप की स्टालों पे ही रही। भाजपा और कांग्रेस की टेबलों पे कोई नज़र नहीं आया।
7. ऐसे में, मनोज तिवारी का जनमत के ख़िलाफ़ 48 सीटें जीतने का दावा, हास्यप्रद लगता है।
8. यदी आंशिक रूप से भी यह दावा सही निकला, तो केंद्र सरकार पूरे 5 साल नहीं चल पाएगी, क्यों कि जनता का गुस्सा सड़कों पे अा जाए गा।
9. एसे में भाजपा को बांटो और राज करो, तथा प्रतिद्वंदी को नीचा दिखा कर खुद को बेहतर सिद्ध करने की नेगेटिव राजनीति, शहीदों के नाम पे वोट मांगने की राजनीति, तथा दंभ और दादागिरी की फुक्री राजनीति को छोड़ कर, काम और जनसेवा का रास्ता अपनाना चाहिए।
10. केंद्र सरकार के लिए इस बार दिल्ली जीतने से ज्यादा आवश्यक है दिल जीतना, और वह तभी संभव है, जब वह बेरोज़गारी को कम करे, मंदी अर्थव्यवस्था को कंट्रोल करे, शिक्षा का स्तर ऊंचा करे, और लोगों को अच्छा आर्थिक व समाजिक माहौल दे, जिस में आम आदमी ज्यादा एंपावर्ड महसूस करे, ऐसा मेरा नम्र निवेदन है।
11. सिर्फ विनिंग इलेक्शन बाई हुक और क्रुक से काम नहीं चले गा, क्यों कि ये जो पब्लिक है यह सब जानती है।
🚩🔱 सत्य ही शिव है 🔱🚩
✒गुरु बलवंत गुरुने ⚔
2. हर नागरिक 24 x 7 x 365 दिन, सच्च क्या है, थोड़ी सी कोशिश से जान सकता है। स्मार्ट फोन या पामटॉप, जो चाहिए कह लीजिए तथा इंटरनेट के जरिए घटनाओं का इंस्टैंट प्रसारण आज आम सी बात है।
3. हाला की इस अतिशीघ्र और अति विस्तृत वेब दुनिया में, झूठ और वहम का प्रसारण भी तेजी से होता है, लेकिन सत्य भी उतनी ही आसानी से उपलब्ध है। आम जन में आज सत्य को जानने का सामर्थ्य और अभिलाषा, दोनों ही बहुत इंप्रूव हुए हैं।
4. यानी जनता सब जानती है, और ना केवल जानती है बल्कि देखती भी है। जो अखबार और टेलीविजन अपनी मनमर्जी से एडिट कर के प्रसारित करते थे, आज अनएडिटीड ही उपलब्ध है, वह भी इंस्टैंट।
5. ऊपर लिखे तथ्यों के प्रकाश में दिल्ली और देश की जनता ने देखा कि किस तरह अरविंद केजरीवाल और आम पार्टी को हराने के लिए, भाजपा के नेताओं ने अपना पूरा जोर लगा दिया।
6. यानी गोदी मेडिया, कितने ही सीएम, मिनिस्टर, एमएलए, यहां तक कि खुद गृह मंत्री और प्रधानमन्त्री तक, एक अर्ध प्रदेश के छोटे लेकिन बेहद पॉपुलर नेता को हराने में जुट गए, लेकिन फ़िर भी चुनाव के दिन, सुबह से शाम तक वोटरों की ज्यादा भीड़ आप की स्टालों पे ही रही। भाजपा और कांग्रेस की टेबलों पे कोई नज़र नहीं आया।
7. ऐसे में, मनोज तिवारी का जनमत के ख़िलाफ़ 48 सीटें जीतने का दावा, हास्यप्रद लगता है।
8. यदी आंशिक रूप से भी यह दावा सही निकला, तो केंद्र सरकार पूरे 5 साल नहीं चल पाएगी, क्यों कि जनता का गुस्सा सड़कों पे अा जाए गा।
9. एसे में भाजपा को बांटो और राज करो, तथा प्रतिद्वंदी को नीचा दिखा कर खुद को बेहतर सिद्ध करने की नेगेटिव राजनीति, शहीदों के नाम पे वोट मांगने की राजनीति, तथा दंभ और दादागिरी की फुक्री राजनीति को छोड़ कर, काम और जनसेवा का रास्ता अपनाना चाहिए।
10. केंद्र सरकार के लिए इस बार दिल्ली जीतने से ज्यादा आवश्यक है दिल जीतना, और वह तभी संभव है, जब वह बेरोज़गारी को कम करे, मंदी अर्थव्यवस्था को कंट्रोल करे, शिक्षा का स्तर ऊंचा करे, और लोगों को अच्छा आर्थिक व समाजिक माहौल दे, जिस में आम आदमी ज्यादा एंपावर्ड महसूस करे, ऐसा मेरा नम्र निवेदन है।
11. सिर्फ विनिंग इलेक्शन बाई हुक और क्रुक से काम नहीं चले गा, क्यों कि ये जो पब्लिक है यह सब जानती है।
🚩🔱 सत्य ही शिव है 🔱🚩
✒गुरु बलवंत गुरुने ⚔
