1. हर शहर में छोटे छोटे राजनितिक प्रोपेगण्डा के गेंदबाज और बल्ले बाज़, यानी छोटे छोटे गेबल्ज़ की 'कोर टीमें' बनाई जा चुकी हैं, जिन का काम है, मौजूदा सरकार और मौजूदा नेता के हक़्क़ में दबा कर झूठ बोलना, और किसी भी प्रकार की विपरीत ध्वनि को दबाना।
2. विपक्ष भी अब कमर कसने में लगा है। यानि मीडिया और सोशल मीडिया पे आरोपों प्रतिरोपों का संघर्ष सा छिड़ने वाला है।
3. आप कुछ भी कहिये या शेयर कीजिये, आप को रोका जाये गा, दबाया जाये गा, धमकाया भी जाये गा।
4. तो मित्रो याद रहे, यदी आप देश से प्रेम करते हैं, तो पार्टी कोई भी हो, आप का मत्त कोई भी हो, जो सही न लगे, उस के खिलाफ आवाज़ अवश्य उठाइये, लेखनी अवश्य चलाइये। यही आप के होने की निशानी है।
5. ताक़तवर को सलाम करने की, चढ़ते सूरज को सलाम करने की अपनी ग़ुलाम मानसिकता को त्याग दी जीये। अब समय आ गया है, पगड़ी सम्भालने का, अतः आप अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी का सम्मान कीजिए।
6. नेता आते जाते रहें गे, आप को वादों से लुभाते, और जुमलोँ के जंगलों में घुमाते फिराते, और यहां तक की धमकाते भी रहें गे।
7. नेता किसी भी दल का हो, वादे करे गा, ऐसे वादे जो निभाये नहीं जाएँ गे। जुमलोँ के तीर भी छोड़े जाएँ गे, कई किस्म के छोटे मोटे लालच और भय इत्यादि भी दिखलाये जाएँ गे। कोई चिंता न करें। अपनी अभिव्यक्ति को मरने मत दी जिए, ज़िंदा रखिये।
8. अभिव्यक्ति की आज़ादी ही असली आज़ादी है। कानून की बंदिशे तो मुग़लों के समय भी थी, अंग्रेजों के समय भी और आज़ादी के बाद भी हैं, मौजूदा सरकार से पहले भी थी, और इस सरकार के उपरांत भी रहे गी, लेकिन अभिव्यक्ति की आज़ादी सर्वोपरि है, कुछ कहिये, कुछ लिखिए, और सच्च का साथ दीजिये।
9. अनिवार्य नहीं की सब का सच्च एक हो। आप का और मेरा सच्च भिन्न हो सकते हैं। हमारी राजनितिक सोच अलग हो सकती है, लेकिन शोध चिंतन और चर्चा के बाद, जो भी आप को ठीक लगे, उस का साथ दीजिये।
10. यदी आप किसी लोभ-वश या भय-वश किसी का साथ देते हैं, तो समझ लीजिये कि मूलतः आप, असत्य के साथ खड़े हैं, और यदी आप केवल अपनी अंतहकरन की आवाज़ के साथ हैं, तो आप सत्य के योद्धा हैं।
11. युद्ध मज़ेदार होने वाला है, मंगलमय चित के साथ इस युद्ध में उतरिये। सभी को शुभआशीष। सर्व का मंगल हो।
🚩तत्त सत्त अकाल🚩
©✒गुरु बलवन्त गुरुने⚔
2. विपक्ष भी अब कमर कसने में लगा है। यानि मीडिया और सोशल मीडिया पे आरोपों प्रतिरोपों का संघर्ष सा छिड़ने वाला है।
3. आप कुछ भी कहिये या शेयर कीजिये, आप को रोका जाये गा, दबाया जाये गा, धमकाया भी जाये गा।
4. तो मित्रो याद रहे, यदी आप देश से प्रेम करते हैं, तो पार्टी कोई भी हो, आप का मत्त कोई भी हो, जो सही न लगे, उस के खिलाफ आवाज़ अवश्य उठाइये, लेखनी अवश्य चलाइये। यही आप के होने की निशानी है।
5. ताक़तवर को सलाम करने की, चढ़ते सूरज को सलाम करने की अपनी ग़ुलाम मानसिकता को त्याग दी जीये। अब समय आ गया है, पगड़ी सम्भालने का, अतः आप अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी का सम्मान कीजिए।
6. नेता आते जाते रहें गे, आप को वादों से लुभाते, और जुमलोँ के जंगलों में घुमाते फिराते, और यहां तक की धमकाते भी रहें गे।
7. नेता किसी भी दल का हो, वादे करे गा, ऐसे वादे जो निभाये नहीं जाएँ गे। जुमलोँ के तीर भी छोड़े जाएँ गे, कई किस्म के छोटे मोटे लालच और भय इत्यादि भी दिखलाये जाएँ गे। कोई चिंता न करें। अपनी अभिव्यक्ति को मरने मत दी जिए, ज़िंदा रखिये।
8. अभिव्यक्ति की आज़ादी ही असली आज़ादी है। कानून की बंदिशे तो मुग़लों के समय भी थी, अंग्रेजों के समय भी और आज़ादी के बाद भी हैं, मौजूदा सरकार से पहले भी थी, और इस सरकार के उपरांत भी रहे गी, लेकिन अभिव्यक्ति की आज़ादी सर्वोपरि है, कुछ कहिये, कुछ लिखिए, और सच्च का साथ दीजिये।
9. अनिवार्य नहीं की सब का सच्च एक हो। आप का और मेरा सच्च भिन्न हो सकते हैं। हमारी राजनितिक सोच अलग हो सकती है, लेकिन शोध चिंतन और चर्चा के बाद, जो भी आप को ठीक लगे, उस का साथ दीजिये।
10. यदी आप किसी लोभ-वश या भय-वश किसी का साथ देते हैं, तो समझ लीजिये कि मूलतः आप, असत्य के साथ खड़े हैं, और यदी आप केवल अपनी अंतहकरन की आवाज़ के साथ हैं, तो आप सत्य के योद्धा हैं।
11. युद्ध मज़ेदार होने वाला है, मंगलमय चित के साथ इस युद्ध में उतरिये। सभी को शुभआशीष। सर्व का मंगल हो।
🚩तत्त सत्त अकाल🚩
©✒गुरु बलवन्त गुरुने⚔