🚩प्रणाम शहीदों को🚩 📿✒ Guru Balwant Gurunay. ⚔


1. India Newz Channel पर, देश के हरमन प्यारे, युवाओं के  प्रेरणा स्रोत, अमर शहीद, महान क्रन्तिकारी, कलम, सोच, और अपार हिम्मत के धनी, सच्चे जननायक शहीदे आज़म भगत सिंह जी के शहीदी दिवस पर पैनल डिस्कशन में हिस्सा लिया।

2. कुछ ख़ास मुद्दे उठाने का मौका मिला, और बाकी पेनलिस्टस का भी भरपूर सहयोग मिला।

3.  यह मांग मैंने बहुत ज़ोर दे कर रक्खी,  कि शहीदे आज़म को, और उन के  साथियों को सरकारी तौर पे शहीद का रुतबा दिया जाना चाहिए। हालां की भगत सिंह जी करोड़ों दिलों पे राज करते हैं, और वह किसी भी सरकारी रुतबे के मोहताज नहीं, लेकिन फिर भी ऐसा किया जाना इस लीये आवश्यक है, क्यों की उपरांत इस अती आवश्यक संशोधन के, उन्हें कोई भी दहशतगर्द न कह सके गा, न लिख सके गा।

4.  शहीदे आज़म के साथ जुड़े   दहशतगर्द शब्द को सभी किताबों में संशोधित किया जाना आवश्यक है।
भगत सिंह एक क्रन्तिकारी अवश्य थे, लेकिन दहशतगर्द हरगिज़ नहीं, और याद रहे क्रन्तिकारी दहशतगर्द नहीँ कहला सकते।

5.  यह भी, कि सरदार भगत सिंह का बाएं बाज़ू, या दाँये बाजू, या फ़िर किसी भी एक बाज़ू की तंज़ीमों से जोड़ कर किया गया प्रस्तुतिकरण गलत है। वह केवल सच्च के योद्धा थे, जो विदेशी शासन और सच्चे इन्सानी मूल्यों की रक्षा के लिये शहीद हुए। यदी दहशतगर्दी और ख़ून ख़राबा ही उन का उदेशय होता, तो वह कभी भी असेम्बली में ख़ाली धमाका  करने के उदेशय से पटाखा  बम्ब न फेंकते।

6.  यह नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता, की इस के प्रमाण उपलब्ध हैं की भगत सिंह एक उच्च दर्जे के विचारक, लेखक, कवि और चिंतक थे। उन्हों ने 'Why  I am an Atheist' और 'Jail Diaries' के इलावा चार अन्य पुस्तकें भी लिखी थी, जिस में उन का काव्य भी शामिल था। यह पुस्तकें गद्दारों द्वारा न जाने कहाँ गोल कर दी गयी।  उन का बलवन्त सिंह के सिडोनेम से कानपूर में प्रिंट किया गया क्रन्तिकारी अख़बार तो जग ज़ाहिर है।

7.  कुल मिला कर डिस्कशन कामयाब रहा। शहीदों को श्रद्धा सुमन चढ़ा कर दिली संतोष का एहसास हुआ।
🚩तत्त सत्त श्री अकाल🚩
©✒ गुरु बलवन्त गुरुने⚔

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