1. शहीद कप्तान वत्सन्य की माता जी और 'लक्ष्य' नामक NGO की सन्स्थपिका, अनुराधा प्रभुदेसाई जी के अद्भुत शब्द, और उन द्वारा सुनाई गयी युवा सैन्य अधिकारी 'लक्ष्य' की विस्मर्णीय कथा पेशे ख़िदमत है।
2. उन के द्वारा दिए गये जबरदस्त भाषण का वीडियो भी पोस्ट में संलगित कर रहा हूँ, अवश्य सुनिये। अनुराधा जी ने कोई भाषण नहीं दिया, बल्कि एक अद्भुत आवाहन किया, कि आप सैनिकों के लिए कुछ नहीं कर सकते, आप की दयादृष्टि की सैन्य बिरादरी को कोई आवश्यकता नहीं, आवश्यकता है तो केवल इतनी, कि बस देशवासी उन की शहाहदत और बलिदान के क़ाबिल बन जायें, और सैनिकों के कुछ गुण खुद भी ग्रहन करें।
3. अनुराधा जी ने देशवासियों को बताया की आखिर वह क्या चीज़ है, जो छोटी उम्र में एक युवा सैनिक या सैन्य अधिकारी को देश भर की ज़िम्मेवारी अपने कन्धों पर उठाने के क़ाबिल बनाती है?
4 ख़ुद ही इस का जबाब देते हुए उन्हों ने युवाओं को बताया की वह ट्रेनिंग जो एक 16 साल के लड़के को 20 साल की उम्र तक एक कर्तव्य निष्ठ युवा भद्रपुरुष बना देती है, इस के मुख्य 7 गुण हैं , 4D और 3 C.
5. वह चार D हैं, DISCIPLINE, DEDICATION, DEVOTION और DETERMINATION, तथा तीन C जिन का ज़िक्र अनुराधा जी ने किया, वह हैं COURAGE, COMMITMENT और CONVICTION.
6. अनुराधा जी ने लक्ष्य नामक युवा फ़ौजी अफ़सर का अद्भुत प्रसङ्ग भी सुनाया, जिस में जब इस जख्मी युवा अधिकारी की हौंसला अफ़ज़ाई के लिए उन्हों ने कश्मीर पहुंच कर उस से मिलने की इच्छा जताई, तो वह बोला , आदरणीय, आप यह कष्ट न उठायें, मैं ही आप से मिलने चला आऊं गा, आखिर मुझे हुआ ही क्या है, सर पे splinter लगा है, एक बाजू टूटी है, बस पेट फटने के कारण वहां टाँके लगे हैं, और मेरी इक ही लात तो कटी है। आप मेरे उस साथी के लिए प्रार्थना करें जिस की दोनों आँखे इस धमाके में चली गयी। आप चिंता न करें, मैं खुद ही आप को मिलने जल्द ही हाजिर हो जाऊं गा।
7. और सच्च मानिये, थोड़े से सेहत याफ्ता होते ही लक्ष्य ने एक सुबह अनुराधा जी के निवास की डोरबेल्ल बजाई, दरवाज़ा खुला ती श्रीमान लक्ष्य ने ज़ोर दार सलाम ठोका और कहा, जी मैं लक्ष्य हूँ, अपने वादे के अनुसार आप से मिलने हाज़िर हुआ हूँ। अनुराधा जी हक्की बक्की रह गयीं। इन्ही लक्ष्य के नाम पर अनुराधा जी ने अपना समाजसेवी NGO खोला, जो लक्ष्य जैसे जाँबाज़ सैनिकों को समर्पित है।
🚩वन्देमातरम🔱 तत्त सत्त अकाल🚩 ✒गुरु बलवन्त गुरुने⚔