1. इन की कथनी, व करनी एक नहीं होती। झूठ और जुमलों का सहारा ले कर अपना उल्लू सीधा करते हैं। बड़े बड़े वादे करते हैं, और जंता को लुभावने सपने दिखा कर ठगते हैं।
2. धर्म , इलाकावाद, और जातिवाद की राजनीती, यानी विघटन की राजनीती अवश्य करते हैं।
3. परिवारवाद, भाई-भतीजावाद से ग्रस्त होते हैं, परिवारवाद की वैसाखी के सहारे ही चलते हैं।
4. पकके कमीशनखोर होते हैं। अन्तर राष्ट्रीय कमीशनखोरी में खास दिलचस्पी रखते हैं, वैसे लोकल कमिशन भी डकारते रहते हैं।
5. अपने विरोधियों के लिए सदा अपमान व गाली-गलौच तयार रखते हैं। पक्के दोगले, मौका परस्त और एकसपलायटर किस्म के प्राणी को भारत में नेता के नाम से जाना जाता है।
🚩 तत्त सत्त अकाल 🚩
📚 गुरू बलवंत गुरुने⚔