1. भारत में धूर्त राजनीती की बातें करने से धूर्त लोग बाज़ नहीं आएं गे। इस ही लिए यहां धूर्तता ही राजनीती में कामयाबी का अद्वित्य गुण बन गया है। हम देश वासियों को यह सब बदलना हो गा।
2. आइये देखें किस प्रकार, पांचों राज्यों में हार जाने के बाद, इक बार दुबारा, मन्दिर, मस्जिद, हिन्दु मुस्लमान और मिस्पलेसड राष्ट्रवाद को भुनाने की कोशिश की जा रही है।
3. बिकाऊ टेलीविज़न पर एक बार फिर हिन्दू मुस्लिम मैच आरम्भ कर दिया गया है।
4. कुछ गोदी मीडिया चैनलों पर, कुछ इल्ल्यासी या ओव्वासि जैसे मुल्लाओं में, और पात्रा बेमात्रा जैसे कुपात्र राजनीतिज्ञों में, धर्म दम्भ की बहस को फिर से गरमाया जा रहा है। सवाल व्ही घिसा पीटा पुछा जा रहा है, कि क्या मौलाना पण्डित जी के यहां होली दीवाली पर तिलक लगा कर जाएँ गे ? क्या मौलाना की पत्नी हिन्दू त्योहारों पर सिंदूर लगाएं गी, इत्यादि इत्यादि।
5. देश वासियों से स्पष्ट रूप से कहना चाहूँ गा कि यह सब बहस अर्थहीन है, यह सब करने का ध्येय केवल लोगों का ध्यान सरकारी विफलताओं और राजनितिक हार से हटा कर, फिर धर्म और जातपात की लड़ाई में उलझाना है, सत्य यही है।
6. कुछ लोग लिख रहे हैं कि, अमरिकी पॉप स्टार बेयोंस गिजेला नोल्स-कार्टर (Beyoncé Giselle Knowles-Carter) ने कभी कहा था, "भारत बहुत गरीब देश हैं।" मुकेश अंबानी ने अपने बेटी के शादी में इन मौहतरमा को रात भर नचावाया और भारत वर्ष का नाम गौर्वाणित किया। अब इस मूर्खता पूर्ण प्रचार करने वाले को कोई यह बताये की मुकेश अम्बानी ने Beyoncé को नचाने के लिए लड़की की शादी नहीं की, बल्कि उस ने लड़की की शादी पर Beyoncé को गाने के लिए करोड़ो रूपये दिए, या यूँ कहिये बर्बाद कर दिए। यह धन भरतीय बाज़ारों के दोहन द्वारा कमाया गया और एक विदेशी गायका पर लुटा दिया गया। यही सत्य है।
7. कुछ भगत लोग अर्नब गोस्वामी जैसे (कम से कम चिठ्ठी तो उस ही के नाम से है ), लोगों के नाम के साथ चिट्ठीयां लिख कर, और वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर यह झूठ बात फ़ैलाने में जुट गये हैं की भारत वर्ष के सभी लोग, यानी हम सभी लोग मोदी के क़ाबिल ही नहीं हैं। इन लोगों के कहने का तातपर्य यह है की मोदी जी तो अत्यंत महान हैं, हम देशवासी ही नालायक है। अब इस से बड़ा मज़ाक या तन्ज़, भारतियों पर सम्भव है क्या? यह देश वासियों के साथ एक व्यंग है, एक भोंडा मज़ाक। सत्य यही है।
8. ऐसे ट्रॉलज़ या चमचों से मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहूँ गा, कि नेता आते जाते रहें गे, मोदी पहला और आख़िरी नेता नहीं है। अगर मोदी ने जन्ता द्वारा मिले मौके को कौड़ियों के भाव न गवाया होता, तो जन्ता मोदी को दोबारा मौका देती। लेकिन मोदी अपने वादों पर खरे नहीं उतर सके, जुमलेबाज़ निकले, और अब जन्ता ने मोदी को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है। यही सत्य है।
9. आज कल कहीं किसी गुरुद्वारे का मसला गरमाया जा रहा है, कहीं फिर मन्दिर मस्जिद की हंडीया दम पर लाने की क़वायद शुरू है। कहीं बड़े बड़े घाग नेता गुरुद्वारों में जा कर जूते पालिश करते नज़र आ रहे हैं, यहां तक की कपड़े और रेक्सिन के बने स्पोर्ट्स शू भी काले पॉलिश कर रहे हैं। तो साथ ही कहीं एक प्रदेश के मुखिया, प्रदेश में न रह कर नेपाल में राम जी और सीता माता के संज्ञानिक ब्याह में शामिल हो रहे हैं । मित्रो याद रहे यह सब ड्रामा है, कोरी नाटक बाज़ी है। जन्ता यह जानती है, पहचानती है, और सब कुछ नोट कर रही है। यही सत्य है।
10. रागा को भी सलाह है, वादे व्ही करो जो पूरे हो सकें। किसानों के कर्जे यदी दस दिन मैं माफ़ हो सकते हों तो अवश्य कहो, लेकिन ऐसा नहीं की वादा निभाने के वक्त, केवल वादा निभाने का वादा ही पुन्ह किया जा सके। जन्ता से डर के चलो बबुआ, वरना जन्ता कब किस को कौन सी पटखनी दे दे, कोई नहीं जानता, यही सत्य है।
11. जन्ता से निवेदन है, किसी भी जगह, 5 साल से अधिक किसी भी धूर्त को गद्दी पर बैठने का मौका मत दो। आप के हाथ में फ़िलहाल इतना ही है। जो सता में हैं, यदी वह अपने वादों पे पूरा न उतरे, जुमलेबाज़ निकले, तो उसे हटा दो, बस ज्यादा देर जमने मत दो, वरना यह लोग भारत वर्ष को पूर्णतयः बर्बाद कर डालें गे।
12. बार बार बदलाव, हर बार बदलाव, और चुनाव द्वारा जनतांत्रिक बदलाव को लाते रहना ही आप जन्ता जनार्धन की शक्ति है। इसे व्यर्थ मत जाने दो। यही सत्य है।
🚩तत्त सत्त अकाल🚩
©✒गुरु बलवंत गुरुने.⚔
2. आइये देखें किस प्रकार, पांचों राज्यों में हार जाने के बाद, इक बार दुबारा, मन्दिर, मस्जिद, हिन्दु मुस्लमान और मिस्पलेसड राष्ट्रवाद को भुनाने की कोशिश की जा रही है।
3. बिकाऊ टेलीविज़न पर एक बार फिर हिन्दू मुस्लिम मैच आरम्भ कर दिया गया है।
4. कुछ गोदी मीडिया चैनलों पर, कुछ इल्ल्यासी या ओव्वासि जैसे मुल्लाओं में, और पात्रा बेमात्रा जैसे कुपात्र राजनीतिज्ञों में, धर्म दम्भ की बहस को फिर से गरमाया जा रहा है। सवाल व्ही घिसा पीटा पुछा जा रहा है, कि क्या मौलाना पण्डित जी के यहां होली दीवाली पर तिलक लगा कर जाएँ गे ? क्या मौलाना की पत्नी हिन्दू त्योहारों पर सिंदूर लगाएं गी, इत्यादि इत्यादि।
5. देश वासियों से स्पष्ट रूप से कहना चाहूँ गा कि यह सब बहस अर्थहीन है, यह सब करने का ध्येय केवल लोगों का ध्यान सरकारी विफलताओं और राजनितिक हार से हटा कर, फिर धर्म और जातपात की लड़ाई में उलझाना है, सत्य यही है।
6. कुछ लोग लिख रहे हैं कि, अमरिकी पॉप स्टार बेयोंस गिजेला नोल्स-कार्टर (Beyoncé Giselle Knowles-Carter) ने कभी कहा था, "भारत बहुत गरीब देश हैं।" मुकेश अंबानी ने अपने बेटी के शादी में इन मौहतरमा को रात भर नचावाया और भारत वर्ष का नाम गौर्वाणित किया। अब इस मूर्खता पूर्ण प्रचार करने वाले को कोई यह बताये की मुकेश अम्बानी ने Beyoncé को नचाने के लिए लड़की की शादी नहीं की, बल्कि उस ने लड़की की शादी पर Beyoncé को गाने के लिए करोड़ो रूपये दिए, या यूँ कहिये बर्बाद कर दिए। यह धन भरतीय बाज़ारों के दोहन द्वारा कमाया गया और एक विदेशी गायका पर लुटा दिया गया। यही सत्य है।
7. कुछ भगत लोग अर्नब गोस्वामी जैसे (कम से कम चिठ्ठी तो उस ही के नाम से है ), लोगों के नाम के साथ चिट्ठीयां लिख कर, और वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर यह झूठ बात फ़ैलाने में जुट गये हैं की भारत वर्ष के सभी लोग, यानी हम सभी लोग मोदी के क़ाबिल ही नहीं हैं। इन लोगों के कहने का तातपर्य यह है की मोदी जी तो अत्यंत महान हैं, हम देशवासी ही नालायक है। अब इस से बड़ा मज़ाक या तन्ज़, भारतियों पर सम्भव है क्या? यह देश वासियों के साथ एक व्यंग है, एक भोंडा मज़ाक। सत्य यही है।
8. ऐसे ट्रॉलज़ या चमचों से मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहूँ गा, कि नेता आते जाते रहें गे, मोदी पहला और आख़िरी नेता नहीं है। अगर मोदी ने जन्ता द्वारा मिले मौके को कौड़ियों के भाव न गवाया होता, तो जन्ता मोदी को दोबारा मौका देती। लेकिन मोदी अपने वादों पर खरे नहीं उतर सके, जुमलेबाज़ निकले, और अब जन्ता ने मोदी को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है। यही सत्य है।
9. आज कल कहीं किसी गुरुद्वारे का मसला गरमाया जा रहा है, कहीं फिर मन्दिर मस्जिद की हंडीया दम पर लाने की क़वायद शुरू है। कहीं बड़े बड़े घाग नेता गुरुद्वारों में जा कर जूते पालिश करते नज़र आ रहे हैं, यहां तक की कपड़े और रेक्सिन के बने स्पोर्ट्स शू भी काले पॉलिश कर रहे हैं। तो साथ ही कहीं एक प्रदेश के मुखिया, प्रदेश में न रह कर नेपाल में राम जी और सीता माता के संज्ञानिक ब्याह में शामिल हो रहे हैं । मित्रो याद रहे यह सब ड्रामा है, कोरी नाटक बाज़ी है। जन्ता यह जानती है, पहचानती है, और सब कुछ नोट कर रही है। यही सत्य है।
10. रागा को भी सलाह है, वादे व्ही करो जो पूरे हो सकें। किसानों के कर्जे यदी दस दिन मैं माफ़ हो सकते हों तो अवश्य कहो, लेकिन ऐसा नहीं की वादा निभाने के वक्त, केवल वादा निभाने का वादा ही पुन्ह किया जा सके। जन्ता से डर के चलो बबुआ, वरना जन्ता कब किस को कौन सी पटखनी दे दे, कोई नहीं जानता, यही सत्य है।
11. जन्ता से निवेदन है, किसी भी जगह, 5 साल से अधिक किसी भी धूर्त को गद्दी पर बैठने का मौका मत दो। आप के हाथ में फ़िलहाल इतना ही है। जो सता में हैं, यदी वह अपने वादों पे पूरा न उतरे, जुमलेबाज़ निकले, तो उसे हटा दो, बस ज्यादा देर जमने मत दो, वरना यह लोग भारत वर्ष को पूर्णतयः बर्बाद कर डालें गे।
12. बार बार बदलाव, हर बार बदलाव, और चुनाव द्वारा जनतांत्रिक बदलाव को लाते रहना ही आप जन्ता जनार्धन की शक्ति है। इसे व्यर्थ मत जाने दो। यही सत्य है।
🚩तत्त सत्त अकाल🚩
©✒गुरु बलवंत गुरुने.⚔