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🚩गुरुग्राम में की गई गुंडागर्दी का संज्ञान लेना आवश्यक क्यों? 🚩 गुरुग्राम @ 📚गुरु बलवंत गुरूने⚔

1.  गुरुग्राम में एक मुस्लिम परिवार पर की गई गुंडागर्दी घोर निंदनीय है। इस घटना के बाद  कराची पाकिस्तान की मशहूर शायरा फ़हमीदा रियाज़ द्वारा लिखी गई  एक नज़्म याद  आ गई। 1946 में जन्मी फ़हमीदा,  स्त्री-वादी विचारधारा और संस्था-विरोधी विचारों के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। नज़्म का उन्वान है, ' तुम भी हम जैसे ही निकले।'

2.  इस नज़्म के माध्यम से शायरा पाकिस्तान की इस्लामआईज़ेशन पे शर्मिंदगी जताने के साथ साथ, भारत का पाकिस्तान की नफ़रत की राजनीति की राह पे चल निकलने पे खेद भी व्यक्त करती हैं।  भारत पाक की तल्ख़ियां, खास तौर पे दोनों देशों की राजनीति का मजहब या धर्म के इर्दगिर्द केंद्रित हो कर, बीफ़ लिंचिंग, या गऊ विजिलेंस के नाम पर बदमाशी और गुंडा टैक्स का इक्कठा करना, और गुरुग्राम जैसी घटनाओं को लेकर सभी विचारशील लोग चिंतित हैं।

3.  सभी अल्पसंख्यक और उत्पीड़ित दलित, धर्म और राष्ट्रवाद के नाम पर की जा रही बदमाशी को  ले कर न केवल चिंतित हैं, बल्कि चुप हैं, जिसे बहुत से लोग खौफ़ का असर समझ रहे हैं,   जब कि यह दरअसल किसी बड़े रिएक्शन से पहले की चुप्पी मात्र  है।

4.  सभी अल्पसंख्यक बुद्धि जीवी दरअसल आज फ़हमीदा रियाज़ द्वारा लिखी गई  इस नज़्म से सुर मिलाते दिख रहे हैं, जिस में फ़हमीदा ने भारत जैसी विशाल मानव गुण केंद्रित संस्कृति के पाकिस्तान की अत्ती-वादी  सोच जैसा बनने का डर दर्शाया है, यानी फ़हमीदा  के अनुसार, हिन्दू अत्ती-वादी सोच पे चल कर भारत वही गलती दोहरा रहा है, जो पाकिस्तान ने इस्लामिक अत्ती-वादी सोच का अनुसरण कर के की।

5.  लीजिए पेश है फ़हमीदा रियाज़ की मशहूर नज़्म, ' तुम बिल्कुल हम जैसे निकले'.....  नज़्म पढ़िए और आंनद लीजिए।

तुम बिल्कुल हम जैसे निकले, अबतक कहाँ छिपे थे भाई,
वो मूर्खता वो घासड़पन, जिस में हम ने सदी गँवाई,
आख़िर पहुँची द्वार तुहारे, अरे बधाई बहुत बधाई।।
प्रेत धर्म का नाच रहा है, क़ायम हिन्दू राज करोगे,
सारे उल्टे काज करोगे, अपना चमन ताराज करोगे।
तुम भी बैठे सोचा करो गे, पूरी है वैसी तय्यारी,
कौन है हिन्दू कौन नहीं है, तुम भी करोगे फ़तवा जारी।
होगा कठिन यहाँ भी जीना, दाँतों आ जाएगा पसीना,
जैसी-तैसी कटा करेगी, यहाँ भी सब की साँस घुटेगी।
भाड़ में जाए शिक्षाविक्षा, अब जाहिलपन के गुण गाना,
आगे खड्डा है  मत देखो, वापस लाओ गया ज़माना,
मश्क़ करो तुम आजाएगा, उल्टे पाँव चलते जाना,
ध्यान न दूजा मन में आए, बस पीछे ही नज़र जमाना।
हम नरकों में पहुँच चुके हैं, तुम परलोक पहुँच जाओगे,
हमतो पहले से हैं वहाँ पर, तुम भी समय निकालते रहना,
अब जिस नर्क में जाओ वहाँ से, चिट्ठी-विट्ठी डालते रहना।

6. आदरणीय मोदी भाई और बाकी सभी नेतागणों से अनुरोध है कि गुरुग्राम जैसी घटनाओं का कड़ा संज्ञान लेना चाहिए, अन्यथा कहीं ऐसा ना हो कि लेनें के देनें पड़ जाएं।
🚩तत्त सत्त अकाल🚩
📚गुर बलवंत गुरूने। ⚔